OBD-II पोर्ट क्या है?
OBD-II पोर्ट को DLC (Data Link Connector) भी कहते हैं। यह वह सॉकेट है जिसमें स्कैनर लगाया जाता है। इसी पोर्ट से स्कैनर को पावर मिलती है और इसी से वह गाड़ी के ECU से बात करता है। इसका आकार और पिन नंबर SAE J1962 स्टैंडर्ड से तय हैं, इसलिए हर OBD-II गाड़ी में यह पोर्ट एक जैसा होता है।
- दो लाइन में 16 पिन: ऊपर 8 और नीचे 8।
- D आकार: ऊपर से चौड़ा, नीचे से पतला, इसलिए प्लग उल्टा नहीं लगता।
- गाड़ी में फीमेल सॉकेट होता है, स्कैनर की केबल पर मेल प्लग।
पोर्ट कहां ढूंढें
इन जगहों पर क्रम से देखें:
- ड्राइवर साइड, स्टीयरिंग के नीचे, डैशबोर्ड के निचले पैनल में। ज़्यादातर गाड़ियों में यहीं मिलता है।
- फ्यूज़ बॉक्स के पास, या फ्यूज़ बॉक्स के कवर के पीछे।
- सेंटर कंसोल में, गियर लीवर के पास या किसी छोटे कवर के पीछे।
- पैसेंजर साइड डैशबोर्ड के नीचे (कुछ मॉडल में)।
पिन नंबर कैसे गिनें
गाड़ी के सॉकेट को सामने से देखें, चौड़ा हिस्सा ऊपर रखकर। ऊपर की लाइन में बाएं से दाएं पिन 1 से 8, और नीचे की लाइन में बाएं से दाएं पिन 9 से 16। स्कैनर के प्लग को या सॉकेट को पीछे (वायर की तरफ) से देखें तो क्रम उल्टा दिखता है, यानी पिन 1 दाईं तरफ। इसलिए हमेशा सॉकेट को सामने से देखकर गिनें।
सभी 16 पिन
OEM वाले पिन कंपनी के अपने इस्तेमाल के लिए होते हैं। इन पर ABS, एयरबैग या बॉडी मॉड्यूल की अलग डेटा लाइन, दूसरी CAN लाइन या इग्निशन सप्लाई हो सकती है। किस पिन पर क्या है, यह उसी गाड़ी के वायरिंग डायग्राम से देखें।
- पिन 1, 3, 8, 9, 11, 12, 13: OEM, कंपनी के इस्तेमाल के लिए।
- पिन 2: J1850 Bus +, पुरानी अमेरिकन गाड़ियों का प्रोटोकॉल (PWM / VPW)।
- पिन 4: चेसिस ग्राउंड, गाड़ी की बॉडी का ग्राउंड।
- पिन 5: सिग्नल ग्राउंड, ECU की तरफ से साफ ग्राउंड।
- पिन 6: CAN High (ISO 15765-4)।
- पिन 7: K-line (ISO 9141-2 / KWP2000)।
- पिन 10: J1850 Bus −, सिर्फ J1850 PWM में।
- पिन 14: CAN Low (ISO 15765-4)।
- पिन 15: L-line (ISO 9141-2 / KWP2000, कुछ गाड़ियों में)।
- पिन 16: बैटरी +12 V, बैटरी से सीधी सप्लाई, चाबी बंद होने पर भी।
प्रोटोकॉल और उनके पिन
प्रोटोकॉल यानी ECU और स्कैनर के बीच बात करने का तरीका। OBD-II में 5 प्रोटोकॉल हैं, और हर प्रोटोकॉल अपने तय पिन इस्तेमाल करता है।
- ISO 15765-4 (CAN): पिन 6 और 14। 2008 के बाद की लगभग सभी गाड़ियां।
- ISO 14230-4 (KWP2000): पिन 7 (और 15)। पुरानी एशियन और यूरोपियन गाड़ियां।
- ISO 9141-2: पिन 7 और 15। पुरानी एशियन और यूरोपियन गाड़ियां।
- SAE J1850 PWM: पिन 2 और 10। पुरानी Ford गाड़ियां।
- SAE J1850 VPW: पिन 2। पुरानी GM गाड़ियां।
सॉकेट देखकर प्रोटोकॉल पहचानें
सॉकेट में पिन 6 और 14 लगे हैं तो गाड़ी CAN वाली है (पिन 4, 5, 6, 14, 16)। सिर्फ 4, 5, 7 और 16 लगे हैं तो K-line वाली। CAN High और CAN Low आपस में मुड़ी हुई (twisted) जोड़ी हैं; एक भी वायर कटे या शॉर्ट हो तो कम्युनिकेशन बिगड़ता है और U कोड आ सकते हैं। K-line एक ही वायर पर चलती है और डेटा न चलने पर उस पर लगभग बैटरी वोल्टेज रहता है। ऑटो-डिटेक्ट वाला स्कैनर प्रोटोकॉल खुद पता कर लेता है।
मल्टीमीटर से पोर्ट टेस्ट
स्कैनर ON न हो, या ON होकर भी गाड़ी से कनेक्ट न हो, तो पहले पोर्ट टेस्ट करें। ये रीडिंग आम गाड़ियों के लिए हैं। सही वैल्यू हमेशा उस गाड़ी की सर्विस जानकारी से मिलाएं।
- पिन 16 से पिन 4 (DC वोल्ट): लगभग 12–12.6 V। 0 V आए तो OBD फ्यूज़ और वायरिंग चेक करें।
- पिन 16 से पिन 5: पहले टेस्ट जितना ही आना चाहिए। कम आए तो पिन 5 का ग्राउंड कमज़ोर है।
- पिन 4 / 5 से बैटरी नेगेटिव (ओम): 1 Ω से कम। ज़्यादा आए तो ग्राउंड पॉइंट ढीला है या उस पर जंग है।
- बैटरी नेगेटिव हटाकर पिन 6 से पिन 14: लगभग 60 Ω। 120 Ω यानी एक टर्मिनेटर गायब या लाइन खुली; 0 Ω यानी शॉर्ट।
- चाबी ON करके पिन 6 और पिन 14 से पिन 4: CAN High लगभग 2.6–2.7 V, CAN Low लगभग 2.3–2.4 V। 0 V या 12 V आए तो लाइन ग्राउंड या सप्लाई से शॉर्ट है।
- चाबी ON करके, स्कैनर हटाकर पिन 7 से पिन 4: लगभग बैटरी वोल्टेज। 0 V आए तो K-line ग्राउंड से शॉर्ट है।
सॉकेट के साथ सावधानी
सॉकेट में मोटा प्रोब ज़बरदस्ती न डालें, टर्मिनल ढीला हो जाता है और बाद में स्कैनर बार-बार डिसकनेक्ट होता है। पतला बैक-प्रोब पिन या OBD ब्रेकआउट बॉक्स इस्तेमाल करें, और पिन 16 को किसी दूसरे पिन से न छुआएं। कई गाड़ियों में OBD पोर्ट का फ्यूज़ सिगरेट लाइटर या पावर सॉकेट के साथ होता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
OBD-II पोर्ट का हर पिन क्या करता है?
पिन 16 बैटरी +12 V, पिन 4 और 5 ग्राउंड, पिन 6 और 14 CAN High और CAN Low, पिन 7 K-line, पिन 15 L-line, पिन 2 और 10 J1850। बाकी पिन कंपनी (OEM) के इस्तेमाल के लिए हैं।
स्कैनर को पावर किन पिन से मिलती है?
पिन 16 से बैटरी +12 V और पिन 4 और 5 से ग्राउंड। स्कैनर ON न हो तो पहले यही पिन और OBD पोर्ट का फ्यूज़ चेक करें।
कैसे पता करें कि गाड़ी CAN वाली है या K-line वाली?
सॉकेट देखें। पिन 6 और 14 में टर्मिनल हैं तो CAN। सिर्फ पिन 4, 5, 7 और 16 हैं तो K-line। 2008 के बाद की लगभग सभी गाड़ियां CAN वाली हैं।
OBD पिन नंबर कैसे गिने जाते हैं?
गाड़ी के सॉकेट को सामने से, चौड़ा हिस्सा ऊपर रखकर देखें। ऊपर की लाइन बाएं से दाएं पिन 1 से 8 और नीचे की लाइन बाएं से दाएं पिन 9 से 16।