Electric Blueprint
वायरिंग, फ्यूज, रिले और सर्किट टेस्टिंग। मल्टीमीटर प्रोफेशनल की तरह चलाएं, फ्यूज़ और रिले टेस्ट करें, ओपन, शॉर्ट व वोल्टेज ड्रॉप फॉल्ट पकड़ें, और बैटरी, चार्जिंग व ग्राउंड सर्किट चेक करें।
लर्निंग पाथ: बेसिक (पार्ट 1) → इंटरमीडिएट (पार्ट 2–3) → एडवांस (पार्ट 4–5) → सिस्टम ट्रबलशूटिंग (पार्ट 6–8)। इलेक्ट्रिकल में नए हैं? पार्ट 1 से शुरू करें। अनुभव है? सीधे उसी पार्ट पर जाएं जिसकी ज़रूरत है।
12 महीने तक हर लेसन, PDF और क्विज़ का पूरा एक्सेस।
हर महीने 7–10 वीडियो का एक सेशन आएगा, जो इस कोर्स के स्टूडेंट्स के पोल के आधार पर तय होगा। इसमें पुराने लेसन को बेहतर बनाएंगे या स्टूडेंट्स की डिमांड पर नए टॉपिक कवर करेंगे।
इलेक्ट्रिकल मास्टर (ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रबलशूटिंग) 8 पार्ट, 75 लेसन का कोर्स है — लगभग 22 घंटे। इसमें फ्यूज़, रिले और सर्किट टेस्टिंग, हर तरह के सेंसर और एक्चुएटर, सिग्नल और ऑसिलोस्कोप, मॉड्यूल और नेटवर्क कम्युनिकेशन, और पेट्रोल, डीज़ल, CNG कार, ट्रक, 2-व्हीलर और 3-व्हीलर पर सिस्टम ट्रबलशूटिंग शामिल है। कोर्स फीस ₹12,920 है, पहले 100 स्टूडेंट्स के लिए ₹5,920, 1 साल की वैलिडिटी और हर महीने 7–10 वीडियो का नया सेशन। चैप्टर 1 (Electrical Blueprint) 1 अक्टूबर 2026 से लाइव है। हर हफ्ते एक नया चैप्टर रिलीज़ होगा।
वायरिंग, फ्यूज, रिले और सर्किट टेस्टिंग। मल्टीमीटर प्रोफेशनल की तरह चलाएं, फ्यूज़ और रिले टेस्ट करें, ओपन, शॉर्ट व वोल्टेज ड्रॉप फॉल्ट पकड़ें, और बैटरी, चार्जिंग व ग्राउंड सर्किट चेक करें।
हर सेंसर उसकी प्रॉपर्टी और वर्किंग के हिसाब से — रेजिस्टेंस, हॉल इफेक्ट, इंडक्टिव, चिप-बेस्ड, O2, NOx, नॉक। कोई भी सेंसर टेस्ट करें, चाहे पहले कभी न देखा हो।
सोलेनॉइड, DC और स्टेपर मोटर, हीटर, पीज़ो, इग्निशन कॉइल और मॉड्यूल-कंट्रोल्ड एक्चुएटर — पावर, कंट्रोल, रेजिस्टेंस और करंट टेस्टिंग के साथ।
एनालॉग, डिजिटल, फ्रीक्वेंसी और PWM सिग्नल, ऑसिलोस्कोप बेसिक्स, सेंसर व एक्चुएटर वेवफॉर्म, CAN और LIN नेटवर्क सिग्नल।
ECU, BCM और मॉड्यूल की पावर, ग्राउंड, इनपुट और आउटपुट। मॉड्यूल को खराब कहने से पहले उसे सही तरीके से टेस्ट करें — 24V ट्रक मॉड्यूल सहित।
कार और 2-व्हीलर के पेट्रोल EMS की ट्रबलशूटिंग — फ्यूल सप्लाई, एयर मैनेजमेंट, मिसफायर, एमिशन कंट्रोल, क्रैंक-नो-स्टार्ट और माइलेज की शिकायतें।
कॉमन रेल और BS-VI ट्रक ट्रबलशूटिंग — लो और हाई प्रेशर सिस्टम, इंजेक्टर, टर्बो और EGR, आफ्टरट्रीटमेंट, और कमर्शियल व्हीकल केस स्टडी।
फैक्टरी-फिटेड और रेट्रोफिट CNG सिस्टम — सेफ्टी, CNG इलेक्ट्रिकल सिस्टम, इंजेक्टर, रिड्यूसर और सेंसर, रनिंग फॉल्ट, 3-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल।
तीन और कोर्स तैयार हो रहे हैं। सिलेबस और तारीखें इसी पेज पर बताई जाएंगी।
वर्कशॉप टेक्नीशियन के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल सिस्टम — हाई वोल्टेज सेफ्टी, बैटरी, मोटर, कंट्रोलर और चार्जिंग सिस्टम डायग्नोसिस।
कमर्शियल व्हीकल स्पेशलाइज़ेशन — 24V सिस्टम, BS-VI ट्रक इलेक्ट्रॉनिक्स, आफ्टरट्रीटमेंट और फ्लीट फॉल्ट फाइंडिंग।
ECU और मॉड्यूल लेवल रिपेयर — कंपोनेंट पहचान, ड्राइवर सर्किट, बोर्ड लेवल फॉल्ट फाइंडिंग और सुरक्षित रीवर्क।
पार्ट 1 से 8 में यही ट्रबलशूटिंग क्रम सिखाया जाता है।
जिस सर्किट पर काम कर रहे हैं उसका सप्लाई, ग्राउंड, स्विच और लोड पहचानें। आगे की हर रीडिंग डायग्राम से मिलाकर देखी जाती है।
फ्यूज़ पर बैटरी वोल्टेज मापें और ग्राउंड कनेक्शन जांचें। ज़्यादातर इलेक्ट्रिकल शिकायतें यहीं खत्म हो जाती हैं — जंग लगा ग्राउंड या उड़ी फीड।
सर्किट चालू रहते हुए संदिग्ध हिस्से पर माप लें। तार या ग्राउंड पॉइंट पर ज़्यादा ड्रॉप का मतलब रेज़िस्टेंस है, चाहे कंटिन्यूटी ठीक दिखे।
लोड हटाकर कंटिन्यूटी टेस्ट करें, जिससे हार्नेस की दिक्कत और खराब कंपोनेंट अलग पहचाने जाएं — अंदाज़े से पार्ट बदलने की ज़रूरत नहीं।
ECU खराब मानने से पहले मॉड्यूल कनेक्टर पर सिग्नल वेरिफाई करें। रिपेयर के बाद सर्किट को लोड पर फिर टेस्ट करें।
₹12,920 — पहले 100 स्टूडेंट्स के लिए ₹5,920, 1 साल की वैलिडिटी के साथ।
8 पार्ट और 75 लेसन, कुल लगभग 22 घंटे।
चैप्टर 1 (Electrical Blueprint) 1 अक्टूबर 2026 से लाइव है। हर हफ्ते एक नया चैप्टर रिलीज़ होगा।
इलेक्ट्रिकल में नए हैं? पार्ट 1 से शुरू करें। अनुभव है? सीधे उसी पार्ट पर जाएं जिसकी ज़रूरत है। पाथ: बेसिक (पार्ट 1) → इंटरमीडिएट (पार्ट 2–3) → एडवांस (पार्ट 4–5) → सिस्टम ट्रबलशूटिंग (पार्ट 6–8)।
पेट्रोल, डीज़ल और CNG की कार, ट्रक, 2-व्हीलर और 3-व्हीलर।
इलेक्ट्रिकल मास्टर का चैप्टर 1 लाइव है। Google Play से ऐप डाउनलोड करें, या कोई भी सवाल हो तो WhatsApp पर मैसेज करें।